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Showing posts from November, 2020

अव्यक्त फ़रिश्तेपन की स्थिति कम होने कारण अच्छी वा बुरी बातों की फीलिंग आने से फेल हो जाते है।

फरिश्ता वो है जो हल्का रहता हैं, कोई भी परिस्थिति या पेपर उसे हिला नही सकता। फरिश्ता सफेद प्रकाश के काया होते है जो हमेशा उड़ते रहते है। उसका पैर जमीन पर नही होता। देह रूपी मिट्टी से ऊपर रहते है। अक्सर देखा गया है छोटी छोटी बातों पर हमें फीलिंग आ जाती है। सारा दिन मुंझे हुए रहते व्यर्थ संकल्प चलते रहते है। और सारे दिन एनालिसिस करने के बाद हम कहते है उसे कभी भी माफ नही कर सकती। अपने अंदर सप्रेस करके सालो साल दर्द को भोगते है। बाबा ने हमे सिखाया है फुल स्टॉप लगाना। कर्मिन्द्रियों का राजा बनना राजयोग का अभ्यास से। पर जो चीज़ हमने 63 जन्मो तक अभ्यास किया वह चेंज करने में समय लग रहा है। मेहनत भी है । अपने संकल्पों का तूफान से ही घबरा जाते है। जब कि यह समझ है कि अच्छे चीज़ भरेंगे तो गंदगी तो निकलेगा ही। देह भान और देह अभिमान के संस्कार अभी भी इमर्ज है। इसलिए हम फीलिंग में आ जाते है। देह रूपी मिट्टी से ही खेलते रहते है। हल्का नही  रह पाते। इतने जन्मो से हम या तो अच्छा को भोगा या बुरा। अब इससे निकलने के लिए दोनों अच्छा और बुरा को नही भोगने के अभ्यास करना है। इसी अभ्यास से हम हल्के होते जाएंगे...

संगठन में रहते वा संपर्क में आते वायुमंडल,वाइब्रेशन अपना इम्प्रैशन डालता है।

संगठन माना संघ। संगठन कई प्रकार के होते है- सामाजिक,राजनैतिक,आर्थिक,सैनिक। बाबा ने भी हम सब को एक संगठन में बांध दिया। ऐसा संगठन में जहा सिर्फ ब्राह्मण आत्मा है। इस संगठन में हम आत्माएं कोटो में कोई कोई में से भी कोई जिनको भगवान ने चुना है। देवता बनने का पुरुषार्थ कर रहे है। हमारा संगठन का उतना बैठना दिनचर्या भी दूसरे संगठन से अलग है। इस संगठन में हर ब्राह्मण नम्बरवार है। यह ईश्वरीय संगठन है।ईश्वर का पालना लेने वाले संगठन है। बाबा कहते है वैरायटी फूल एक गुलदस्ता में है।संगठन में वैरायटी होने के कारण वायुमंडल और वाइब्रेशन भिन्न समय पर भिन्न होता है। हमे हर परिस्थिति में अचल अडोल रहना है। वायुमंडल, वाइब्रेशन के वश हम न हो । हमारे वश में वायुमंडल हो । हम में इतना पावर हो जो तमोप्रधान वायुमंडल को सतोप्रधान बना सके । क्यों कि बाबा कहते हैं हर परिस्थिति हमारे लिए गुड लक है। अभी हमारी स्थिति ऐसे है जो किसी आत्मा का संपर्क में आते ही उस आत्मा का स्थिति अनुसार प्रभावित हो जाते है सिर्फ संपर्क ही नही सोचते ही उस आत्मा से जुड़ जाते है और हम भी उसी लेवल पर आ जाते। हमारी स्थिति को इतना पॉवरफुल बनाना...