रूहानी नालेज है रूहों का padai. यह padai एक रूह ही रूह को pada सकते हैं. I इस padai से मेरा बुद्धि का विकसित होता है I मेरा देखने और समझने का nazariya बदल जाता है I इस नालेज से जो विस्तार था उसको परिवर्तन कर सार में लाए हैं I duality से singularity में परिवर्तन हो रहा है I जो भी माया का ट्रेनिंग से बने हैं वो अब हम भूल रहे हैं I जितना पर चिंतन pardarshan करते हैं सब duality का असर है I बुद्धि multiple informations के कारण भटकने वाला हो गया I इसी कारण बुद्धि एकाग्र नहीं है I विकार भी इस duality के कारण पैदा हुआ है I यही समझ हमारे बुद्धि में परिवर्तन ला रहा हैं I बुद्धि खुलते जा रहा है माया के कैद से छूटते जा रहा है स्थिति ऊँचा होते जा रहा है एकता के तरफ बढ़ते जा रहे हैं I हर कदम हमारे सूक्ष्मता के तरफ बढ़ रहा हैं और बाप समान बनते जा रहे हैं I ओम शांति